श्वासों का क्या भरोसा,
रुक जाये कब कहाँ पर ।।
कर जाओ काम ऐसा ।।
एहसान हो जहां पर
मत हंस कभी किसी पर,
ना सता कभी किसी को ।।
क्या जाने कब तुम्हारा ।।
क्या हाल हो यहाँ पर
श्वासों का…
कर कर्म इतना ऊँचा,
जो बुलंदियों को छू ले ।।
बड़े प्यार से तुम्हारा ।।
नाम आये हर जुबां पर
श्वासों का…
गर हंस जैसा जीवन,
चाहता है ऐ बशर तू ।।
चुन ले गुणों के मोती ।।
बिखरे जहाँ-जहाँ पर
श्वासों का…
ज्ञान ये सतगुरू का,
जिसने अमल किया है ।।
पहुँचा है वो जगत में ।।
रहमत के आसमां पर
श्वासों का…
