ऐसी निगाह बना दे,
तुझे हर जगह मैं पाऊँ ।।
पल भर भी तू ना बिसरे,
प्रभु गीत तेरे गाऊँ ।।
तेरे नाम का ढिंढोरा,
सारे जग ने सुन लिया है ।।
कोई खार ले गया है,
मैंने फूल चून लिया है ।।
इस बाग़ से बिछड़ कर,
बाहर कहीं ना जाऊँ ।।
जो बोल मुख से निकले,
निकले तेरा तराना ।।
मैं समझूँ या तू समझे,
समझे ना ये ज़माना ।।
मुझे जग से क्या है लेना,
प्रभु तुझ को ही रिझाऊँ ।।
तेरे प्रेम की नज़र ने,
मेरी ज़िन्दगी को जीता ।।
तेरे नाम का प्याला,
रहूँ रात दिन मैं पीता ।।
तन मन व धन है तेरा,
कहीं ये ना भूल जाऊँ ।।
