श्री वाहेगुरु वाहेगुरु
मुख तो बोलिए जी,
रख के भरोसा तेरे नाम दा,
कदी ना असी डोलिए जी – २।
चित चरण कमल दा आसरा,
चित चरण कमल संग जोड़िए – २ जी,
रख के…।
मन लोचे बुराईयाँ
गुरु शब्दी ये मन मोड़िए – २ जी,
रख के…।
बांह जिना दी असी पकड़िए,
सिर दीजे बांह ना छोड़िए – २ जी,
रख के…।
गुरु तेग बहादुर बोलिआ,
गुरु धर्म दी चादर खोलिआ
दर पाइये धरम न छोड़िए – २ जी,
रख के…।
