श्री वाहेगुरु वाहेगुरु
मुख तो बोलिए जी ।
रख के भरोसा तेरे नाम दा,
कदी ना असी डोलिए जी ।।
चित चरण कमल दा आसरा,
चित चरण कमल संग जोड़िए ।।
चित चरण कमल संग जोड़िए जी ।
मन लोचे बुराईयाँ
गुरु शब्दी ये मन मोड़िए ।।
गुरु शब्दी ये मन मोड़िए जी ।
बांह जिना दी असी पकड़िए,
सिर दीजे बांह ना छोड़िए ।।
सिर दीजे बांह ना छोड़िए जी ।
गुरु तेग बहादुर बोलिआ,
गुरु धर्म दी चादर खोलिआ ।।
दर पाइये धरम न छोड़िए जी ।।
