अरे ओ शोख कलियाँ मुस्कुरा देना वो जब आए ।।
सुनो फूलों महक अपनी लुटा देना वो जब आए ।
वो जब आये अदब से डालियां फूलों की झुक जाए ।।
वो जब गुजरे चमन से काफिले भंवरों के रुक जाए ।
बहारो तुम गले उनको लगा लेना वो जब आये ।।
बहुत तारीफ करती है ये कलियां बार-बार उनकी ।।
तमन्ना है कि मैं भी देख लूँ रंगी बहार उनकी ।
हवाओं तुम नकाब उनकी हटा देना वो जब आये ।।
बगैर उनकी मुहब्बत के मैं जिंदा रह न पाऊंगी ।।
मगर ये राज दिल का मैं किसी से कह ना पाउंगी ।
निगाहों हाल दिल उनको बता (सुना) देना वो जब आये ।।
